है मानव तुम कौन हो इस दुनिया में, यदि नहीं है पैसा तुम्हारे पास, बिन पैसा के नहीं है म…
अशांत मेरा मन, मैंने अपने जीवन में अराजकता देखी, देखा है मैंने एक बेकार जिंदगी, मेरा म…
धरती पर आज संकट आयी है, मानबता की हत्या आज चरम पर है, आज मानबता की उलंघन चरम सीमा पर ह…
देख रहा हूं संसार की हाल, चारों ओर फैली है बवाल, कौन अच्छा कौन बुरा ना जानी, यहां हर क…
जीबन को जंजीर मे मै जकड़ा पाया, कही ये जंजीर भारी पड़ता रहा, कही ये जंजीर का जाल बड़ता रह…
जीवन की कोरा कागज में मै क्या-क्या लिखना चाहा, गमों को मै खुशी में बदलना चाहा, हर खुशी…
जीवन मे तुमने क्या देखा? दो वक्त, रोटी, कपड़ा, मकान और वैभव, शायद जिंदगी इतना ही नहीं, …
जिंदगी मे बहुत गम था, खुद्दार ये जिंदगी मे बहुत कम था। कभी यह जिंदगी किनारे पर खड़ा था…
कभी कभी जीबन मे अनचाहा बारदात हो जाते है, ना चाहते हुए भी कभी पटकथा लिखें जाते है, उस …
बीबिधता से भरा इस दुनिया मे इस लड़ाई का अंत कब होगा? नासमझी और नासहमी बेपरवाह रूप ले चू…
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