देख रहा हूं संसार की हाल, चारों ओर फैली है बवाल, कौन अच्छा कौन बुरा ना जानी, यहां हर क…
जीबन को जंजीर मे मै जकड़ा पाया, कही ये जंजीर भारी पड़ता रहा, कही ये जंजीर का जाल बड़ता रह…
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