अनजान जगह से हम आये है, जाना है कहा मानब बनकर आए है, सच को ना जाना, मानब बनकर क्यू आए …
आते है इंसान पत्ते कि तरह, जाते है इंसान पत्ते कि तरह। इंसान है पत्ते कि तरह, बिखर जाय…
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