जीवन की कोरा कागज में मै क्या-क्या लिखना चाहा, गमों को मै खुशी में बदलना चाहा, हर खुशी…
जिंदगी मे बहुत गम था, खुद्दार ये जिंदगी मे बहुत कम था। कभी यह जिंदगी किनारे पर खड़ा था…
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